Friday, July 30, 2010

unite world

वाह कितनी अच्छी यह दुनिया इस ईश्वर  ने बनाई जिसे देख कर मन पुल्कुत हो उठता है चाँद तारे सूर्य आकाश नंदी समुन्धर पहाढ़ रेगिस्तान फूल तितलिया सुंदर पक्षी सुंदर जानवर अन्य पता नहीं क्या क्या अनमोल खजाना चारो और बिखरा पढ़ा है हर तरह के सुंदर व्यक्ति चारो और नज़र आते है जीने देखने और बात करने का बार बार दिल करता है .काश पंख होते तो उढ़ कर चले जाते इसमें कोई वीसा न टिकेट कि जरुरत होती हां मैं ऐसा ही यह संसार देखना चाहता हु जहाँ प्यार मोहबत हो कोई रूकावट न हो हर इन्सान मर्ज़ी का मालिक हो आराम से दिन भर काम करके कुछ भी करने का आज़ाद हो कही भी जाने का आज़ाद हो कही भी अपने विचार रखने का आज़ाद हो किसी के लिए ग्लानी न नफरत हो कोई जाति न हो कोई धर्म न हो सारा विश्व एक मंच हो सिर्फ  प्यार और प्यार हो और यह हो सकता है कियूं कि जन्म से हर व्यक्ति केवल इन्सान है और प्यारा इन्सान जो ईश्वर कि अनमोल नियामत है कुओं नहीं हम सब मिल कर इसे अच्छी तरह सोचे और सबको एक जुट करे आओं आज से ही कही न कही से इसकी शुरुआत करे.