Thursday, December 4, 2014

desire

यह जिंदगी भी कितनी अजीब है कब   क्या  हो जाये पता ही नहीं चलता ,अचानक जिंदगी की वो खुशिया प्राप्त हो जाती है जिसकी कामना बरसो से व्यक्ति करता  रहा हो  लाख कोशिको बाद  हासिल न हुई हो और अनायास ही मिल जाये ,क्यों  न सर्वशक्तिमान को धन्यवाद दे।
कोही और सुने न सुने पर मालिक जरूर सुनता है देर सही पर इच्छा अवशय पूर्ण होती है।