Monday, December 18, 2017

ishwar

बहुत अजीब   है   यह  जिंदगी  इंसान  क्या  सोचता  है ओर होता  है  क्या ईश्वर की दुनिया अलग है ओर उसका किसी को पत्ता नहीं की क्या होने वाला है चाहे हम कितना ही सोच ले भरपूर मेहनत  करे पर नतीजे का कुछ पता नहीं पर ईश्वर के फैसले सही होते है पर वक़्त पर होते है इंसान को तो अपना कर्म करना परता है फल वो ही देता है। 

Saturday, November 25, 2017

dost

आज फिर मेने  वोही  बात कही जो मेने  कुछ समय पहले कही थी पर वो न माना था पर आज मान गया कैसी जिंदगी है इंसान के सोच की जब  उस पर बीती तो समझ ै  आई की जिंदगी  क्या है सच किया है अगर वो पहले माना होता तो आज उसे बेइज़्ज़ती और नुक्सान न उठाना  परता जिंदगी में अच्छे और सच्चे दोस्त किस्मत से मिलते है यह व्यक्ति को बहुत पहले समझना चाहिए ईश्वर हर घटना को देख रहा होता है उस से डरना चाहिए और उसके फैसले अटल और सही होते है व्यक्ति का हमेशा उस पर विश्वास होना चाहिए ईश्वर का साथ हमेशा अच्छी दिशा की और मौरता  है और हमें वो मान कर आगे चलना चाहिए। 

Thursday, November 3, 2016

jindagi

जिंदगी बहुत अजीब चाल से चल रही है ऐसे लगता है अब कोई इच्छा  नहीं है की ये करु ये न करू ऐसे लगता है नीरसपन आ गया है बीबी के जाने के बाद। कभी जिंदगी में ये न सोचा था की ऐसे होगा अब भी मे कही बार हेरानी में पर जाता हु की ये क्या हुआ और क्यों हुआ जिसकी किसी को उम्मीद न थी हम उसको ऐसी हालात में थोड़ी ही ले गए थे की अचानक ये  हो जाये हमें ईश्वर पर हमेशा विश्वास रहा है और उन्होंने सभी काम किये है अच्छे पर ये कैसे हुआ वो ईश्वर ही जनता है। सुना था ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है पर इसमें किसका अच्छा हुआ कुछ समझ न आया आज तक मेरे बचे हैरान हो गए जब हमारा फ़ोन अस्पताल से घर आया।
जिसके साथ जीवन के ३७ साल प्यार से गुजरे हर काम में साथ रहे हर फैसले में साथ रहे अब में अकेला ?
जरुरी काम रह गए लाख कौशिको के करने के बाद भी बचे अकेले ही रह गए चारो ये ईश्वर ने क्या फैसला किया है। ऐसी क्या गलतिया हो गई हमसे बीबी भी बार बार यही सोचती थी पर कोई जवाब न मिला इस सर्वशक्तिमान से।  इंसान खिलौना है यह हम बचपन में सुनते थे पर अब यह सच लगने लग गया वास्तव में इंसान की कोई कीमत नहीं है इतने बरे जहाँ में एक कठपुतली है और उप्पर वाला जैसे नचाये हम नाचते है उसकी ख़ुशी के लिए शायद इसलिए हम धरती पर आये है ये सब वही जाने हम तो सिर्फ सोच सकते है  पर उनका लाख लाख शुक्रिया की उन्होंने हमें बहुत  कुछ दिया खुशियो से  भरपूर रखा पर इतना बड़ा गम हमें इस वक़्त दिया जबउसकी हमें बहुत जरुरत थी। 
आखिर क्या करे इंसान किसके पास जाये शिकायत करने सुन ने वाला वही है फैसला करने वाला भी वही है  इतनी खूबसूरत दुनिया बनाई और हमें बेजा पर बीच में क्यों एक को अलग कर दिया मालिक आपने। 
बचे मेरे मासूम है दुनियादारी जानते नहीं है खामोश है आखिर किस से शिकायत् करे  उन्हें तो शिकायत करने नहीं आती मालिक मेने उनके सामने कभी भी रोना नहीं रोया क्या करु वो और बिखर जायेंगे उन्हें मजबूत बना रहा हु सब आप ही के पीछे है मालिक सबके उप्पर आप का हाथ हमेशा रहे  ऐसी मेरी कामना है 

jindagi

जिंदगी बहुत अजीब चाल से चल रही है ऐसे लगता है अब कोई इच्छा  नहीं है की ये करु ये न करू ऐसे लगता है नीरसपन आ गया है बीबी के जाने के बाद। कभी जिंदगी में ये न सोचा था की ऐसे होगा अब भी मे कही बार हेरानी में पर जाता हु की ये क्या हुआ और क्यों हुआ जिसकी किसी को उम्मीद न थी हम उसको ऐसी हालात में थोड़ी ही ले गए थे की अचानक ये  हो जाये हमें ईश्वर पर हमेशा विश्वास रहा है और उन्होंने सभी काम किये है अच्छे पर ये कैसे हुआ वो ईश्वर ही जनता है। सुना था ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है पर इसमें किसका अच्छा हुआ कुछ समझ न आया आज तक मेरे बचे हैरान हो गए जब हमारा फ़ोन अस्पताल से घर आया।
जिसके साथ जीवन के ३७ साल प्यार से गुजरे हर काम में साथ रहे हर फैसले में साथ रहे अब में अकेला ?
जरुरी काम रह गए लाख कौशिको के करने के बाद भी बचे अकेले ही रह गए चारो ये ईश्वर ने क्या फैसला किया है। ऐसी क्या गलतिया हो गई हमसे बीबी भी बार बार यही सोचती थी पर कोई जवाब न मिला इस सर्वशक्तिमान से।  इंसान खिलौना है यह हम बचपन में सुनते थे पर अब यह सच लगने लग गया वास्तव में इंसान की कोई कीमत नहीं है इतने बरे जहाँ में एक कठपुतली है और उप्पर वाला जैसे नचाये हम नाचते है उसकी ख़ुशी के लिए शायद इसलिए हम धरती पर आये है ये सब वही जाने हम तो सिर्फ सोच सकते है  पर उनका लाख लाख शुक्रिया की उन्होंने हमें बहुत  कुछ दिया खुशियो से  भरपूर रखा पर इतना बड़ा गम हमें इस वक़्त दिया जबउसकी हमें बहुत जरुरत थी। 
आखिर क्या करे इंसान किसके पास जाये शिकायत करने सुन ने वाला वही है फैसला करने वाला भी वही है  इतनी खूबसूरत दुनिया बनाई और हमें बेजा पर बीच में क्यों एक को अलग कर दिया मालिक आपने। 
बचे मेरे मासूम है दुनियादारी जानते नहीं है खामोश है आखिर किस से शिकायत् करे  उन्हें तो शिकायत करने नहीं आती मालिक मेने उनके सामने कभी भी रोना नहीं रोया क्या करु वो और बिखर जायेंगे उन्हें मजबूत बना रहा हु सब आप ही के पीछे है मालिक सबके उप्पर आप का हाथ हमेशा रहे  ऐसी मेरी कामना है 

Tuesday, July 26, 2016

जिंदगी खूबसूरत फूलो की तरह है जैसे सुबह सुबह बगीचे में ताजे ओहलो की महक पुरे घर में बिखर जाती है और शाम तक फूल करीब करीब मुरझा जाता है ठीक वैसे ही व्यक्ति सुबह उठते ही तरो ताजा सा  महसूस करता है और सारे दिन की भागदौड़ में शाम तक निदाल हो जाता है। व्यकि इधर इधर घूम कर चहकता रहता है सभी रोज़ के काम पुरे करता है। 

Sunday, June 12, 2016

saheliya

कहाँ गई वो बचपन की रंग बिरंगी तितलियाँ 
कहाँ गए वो बाग़ बगीचे जो रस्ते में परते  थे 

कहाँ गया  वो खिलखिलाना जिसे देख भीड़ इकठी होती थी 
माँ की डांट पिता की नज़रे रोज़ सहती थी 

कहाँ गया वो सहेलियों का झुण्ड जो हरदम घेरे रहता था 
अध्यापक की डांट  और सजा हमेशा स्कूल में परती  थी 

क्या शादी के बाद यह सब होता है सिर्फ एक इंसान हमेशा देखता है 
कहाँ गए वो मस्त नज़ारे और कहकहे जिन्हे सुन दिल गदगद होता था 

घेरती  रहती थी आँखे मुझे चारो और से जब घर से स्कूल जाती थी में 
अब सुनसान नज़र आती है सड़ के मुझे साजन के घर की