Thursday, November 3, 2016

jindagi

जिंदगी बहुत अजीब चाल से चल रही है ऐसे लगता है अब कोई इच्छा  नहीं है की ये करु ये न करू ऐसे लगता है नीरसपन आ गया है बीबी के जाने के बाद। कभी जिंदगी में ये न सोचा था की ऐसे होगा अब भी मे कही बार हेरानी में पर जाता हु की ये क्या हुआ और क्यों हुआ जिसकी किसी को उम्मीद न थी हम उसको ऐसी हालात में थोड़ी ही ले गए थे की अचानक ये  हो जाये हमें ईश्वर पर हमेशा विश्वास रहा है और उन्होंने सभी काम किये है अच्छे पर ये कैसे हुआ वो ईश्वर ही जनता है। सुना था ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है पर इसमें किसका अच्छा हुआ कुछ समझ न आया आज तक मेरे बचे हैरान हो गए जब हमारा फ़ोन अस्पताल से घर आया।
जिसके साथ जीवन के ३७ साल प्यार से गुजरे हर काम में साथ रहे हर फैसले में साथ रहे अब में अकेला ?
जरुरी काम रह गए लाख कौशिको के करने के बाद भी बचे अकेले ही रह गए चारो ये ईश्वर ने क्या फैसला किया है। ऐसी क्या गलतिया हो गई हमसे बीबी भी बार बार यही सोचती थी पर कोई जवाब न मिला इस सर्वशक्तिमान से।  इंसान खिलौना है यह हम बचपन में सुनते थे पर अब यह सच लगने लग गया वास्तव में इंसान की कोई कीमत नहीं है इतने बरे जहाँ में एक कठपुतली है और उप्पर वाला जैसे नचाये हम नाचते है उसकी ख़ुशी के लिए शायद इसलिए हम धरती पर आये है ये सब वही जाने हम तो सिर्फ सोच सकते है  पर उनका लाख लाख शुक्रिया की उन्होंने हमें बहुत  कुछ दिया खुशियो से  भरपूर रखा पर इतना बड़ा गम हमें इस वक़्त दिया जबउसकी हमें बहुत जरुरत थी। 
आखिर क्या करे इंसान किसके पास जाये शिकायत करने सुन ने वाला वही है फैसला करने वाला भी वही है  इतनी खूबसूरत दुनिया बनाई और हमें बेजा पर बीच में क्यों एक को अलग कर दिया मालिक आपने। 
बचे मेरे मासूम है दुनियादारी जानते नहीं है खामोश है आखिर किस से शिकायत् करे  उन्हें तो शिकायत करने नहीं आती मालिक मेने उनके सामने कभी भी रोना नहीं रोया क्या करु वो और बिखर जायेंगे उन्हें मजबूत बना रहा हु सब आप ही के पीछे है मालिक सबके उप्पर आप का हाथ हमेशा रहे  ऐसी मेरी कामना है 

jindagi

जिंदगी बहुत अजीब चाल से चल रही है ऐसे लगता है अब कोई इच्छा  नहीं है की ये करु ये न करू ऐसे लगता है नीरसपन आ गया है बीबी के जाने के बाद। कभी जिंदगी में ये न सोचा था की ऐसे होगा अब भी मे कही बार हेरानी में पर जाता हु की ये क्या हुआ और क्यों हुआ जिसकी किसी को उम्मीद न थी हम उसको ऐसी हालात में थोड़ी ही ले गए थे की अचानक ये  हो जाये हमें ईश्वर पर हमेशा विश्वास रहा है और उन्होंने सभी काम किये है अच्छे पर ये कैसे हुआ वो ईश्वर ही जनता है। सुना था ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है पर इसमें किसका अच्छा हुआ कुछ समझ न आया आज तक मेरे बचे हैरान हो गए जब हमारा फ़ोन अस्पताल से घर आया।
जिसके साथ जीवन के ३७ साल प्यार से गुजरे हर काम में साथ रहे हर फैसले में साथ रहे अब में अकेला ?
जरुरी काम रह गए लाख कौशिको के करने के बाद भी बचे अकेले ही रह गए चारो ये ईश्वर ने क्या फैसला किया है। ऐसी क्या गलतिया हो गई हमसे बीबी भी बार बार यही सोचती थी पर कोई जवाब न मिला इस सर्वशक्तिमान से।  इंसान खिलौना है यह हम बचपन में सुनते थे पर अब यह सच लगने लग गया वास्तव में इंसान की कोई कीमत नहीं है इतने बरे जहाँ में एक कठपुतली है और उप्पर वाला जैसे नचाये हम नाचते है उसकी ख़ुशी के लिए शायद इसलिए हम धरती पर आये है ये सब वही जाने हम तो सिर्फ सोच सकते है  पर उनका लाख लाख शुक्रिया की उन्होंने हमें बहुत  कुछ दिया खुशियो से  भरपूर रखा पर इतना बड़ा गम हमें इस वक़्त दिया जबउसकी हमें बहुत जरुरत थी। 
आखिर क्या करे इंसान किसके पास जाये शिकायत करने सुन ने वाला वही है फैसला करने वाला भी वही है  इतनी खूबसूरत दुनिया बनाई और हमें बेजा पर बीच में क्यों एक को अलग कर दिया मालिक आपने। 
बचे मेरे मासूम है दुनियादारी जानते नहीं है खामोश है आखिर किस से शिकायत् करे  उन्हें तो शिकायत करने नहीं आती मालिक मेने उनके सामने कभी भी रोना नहीं रोया क्या करु वो और बिखर जायेंगे उन्हें मजबूत बना रहा हु सब आप ही के पीछे है मालिक सबके उप्पर आप का हाथ हमेशा रहे  ऐसी मेरी कामना है