Monday, August 16, 2010

relation

yes, relation with some one has better than alone,when any human"s views match with other human than create new relation between both to exchange their views when they meet each other any where, any time,and day by day it devoloped friend ship each other,and than mostly they share their problems, and other topic discussion ,if there works in same type than very soon they achieved the friendship ,mostly in this world every person is linked with some one may be same profession may be same caste may be same religion, may be same post, may besame genre, may some other mean all persons has link with them. in this beautiful world every person need love, and happiness, and peaceful life. that"s why he do all this which he likes, relation gives boost to spend this life beautifully good relation has much power to do for some one in theworld,and some ritual boost us to do so.every one need good relation with each other he may be neighbor country,may be neighbor residence,may be in office, peaceful life gives us spirit to live more with happy in this world. and it is true in all we must spend our life in a peaceful atmosphere,around us for this we have to ready for devotion for each other .although this world is bizarre, there are so many hurdles comes in this life but we have to face it with peacefully. we must bind with relation that it should not be break any time which once has made. with this relation man can reach the summit position.so relation must be run whole life till survive.

Friday, August 13, 2010

nature.

wah what a beautiful morning it is 5am while there are no any rays of sun because it is still hidden and darkness is around mi in fact we can say it is mid period between lighting and darkness and i see some little drops of rain is falling upon trees and flowers now i am on my terrace and my hand can collect the drops of rain it looks nice and now i am looking some red rays coming on earth for lighting morning ,oh god thanks lot again lovely morning i am seeing ,and now i am also hearing the chirrup of birds. really it looks more beautiful ,and charming. after few minutes my wife has awoke and came beside me to see all this, and tea is ready for us and we both again realize the nature of god and thanks again .

navrangprakash: justice

navrangprakash: justice: "आज बहुत ही अजीब दिन रहा मुझे मेरा बहुत पुराना दोस्त अचानक रस्ते में मिल गया मेने उसे शीघ्र पहिचान लिया हाला कि वोह मुझे ४२ वर्ष बाद मिला पर..."

rose sugandh: shanti

rose sugandh: shanti: "कितना न अच्छा लगता है यह सोच कर कि यह दुनिया और दुनिया के लोग शांति के पुजारी है और चारो और शांति के लिए घूम रहे है जिसकी कल्पना बरसो से यह ..."

shanti

कितना न अच्छा लगता है यह सोच कर कि यह दुनिया और दुनिया के लोग शांति के पुजारी है और चारो और शांति के लिए घूम रहे है जिसकी कल्पना बरसो से यह मानव कर रहा है जिसमे मानव कि प्रगति प्यार भाईचारा न जमीं  का झगरा न जाति का झगरा न धर्म का झगरा सिर्फ प्यार और प्यार और मानव कि प्रगति चारो और मिल कर यह आभास मात्र से मन पुलकित हो उठता है इस सर्व शक्तिमान ईश्वर ने यह दुनिया कितनी न सुंदर बनाई जिसको बार बार देखने को जी करता है और उसे घंटो निहारता ही रहता है उस परवरदिगार कि लीला देख कर कि हमारे लिए उसने कितना न सोचा होगा कि इस अध्बुध इन्सान को सब सुख मिले वोह आराम से ईश्वर कि इस्तुती कर सके उसे याद  कर सके कि है परवरदिगार तुम्हे लाख लाख शुक्रिया कि तुमने इतनी सुंदर रचना हम लोगो के लिए कि और हमें इस संसार में भेजा पर यह क्या इन्सान यहाँ आकर ये कैसा हो गया आपस में जमीं बाँट दी ,अपने अपने धर्म बना दिए  जातियां बना दी यह कैसी कैसी रचना कर दी सिर्फ अपने फाइदे के लिए और मजे कि बात यह कि उसे मालूम है कि वोह इस दुनिया में सिर्फ मेहमान है वोह भी चंद दिनों का और लेके भी कुछ जाने वाला नहीं है फिर   यह सब किसके लिए? काश यह सब समज पाते तो दुनिया और दुनिया में रहने वालो का नक्षा ही अलग होता अब भी समय नहीं गया है और अब ज्यादा जरुरत है कि शांति और शांति और शांति

rose sugandh: peace

rose sugandh: peace: "छः अगस्त को दुनिया के लोग नहीं भूल सकते है जब पहली बर परमाणु बम का इस्तेमाल क्या गया था जापान के हिरोशिमा शहर पर तब दुनिया दहल गई थी यह देख ..."

Friday, August 6, 2010

peace

छः अगस्त को दुनिया के लोग नहीं भूल सकते है जब पहली बर परमाणु बम का इस्तेमाल क्या गया था जापान के हिरोशिमा शहर पर तब दुनिया दहल गई थी यह देख कर हजारो इन्सान मोत के शिकार हुवे थे और क्र्रोर्रो का नुकसान हुआ था और दो दिन बाद नव अगस्त को नागासाकी पर बम गिराए गए थे .यह सब दुसरे विशव युद्ध के बाद उनीस सो पेतालिस को हुआ था मानवता के इतहास में यह सब से बड़ा हादसा था जिससे मानव का  सर शर्म से झुक गया था आज भी इस विभीषिका को याद कर मष्तिक में रोंगटे खर देता है इस हादसे एवम युद्ध के बाद एक विशव मंच बना कही देशो को मिला कर सयुक्त राष्ट्र संग बना ताकि आगे फिर कभी ऐसा न हो लेकिन अफ़सोस उसके बाद भी विशव में शांति न हुई विशव में कही जगह युद्ध हुवे जिसमे बढ़े देशो का बहुत दखल हुआ यह बहुत ही हेरानी कि बात है कि आज विशव के छ देशो मून परमाणु शास्त्र है जो मानव जाति  के लिए घातक है अब सब देशो को मिल कर इसे सुल्जना चाहिए ताकि इन्सान के मन यह डर निकल गए कि उसके सर खतरा मंडरा रहा है और मानव अपने देश का सही विकास कर सके कियो कि इस पर हर देश के अरबो रुपैये खर्च होते है जो बिलकुल ही बेकार है शांति से बढ़ कर कोही चीज इस दुनिया में नहीं है बातचीत से ही दुनिया में  झाग्र्रे हल होते है यह दुनिया बहुत ही सुंदर है ईश्वर ने हर वास्तु हमें इस संसार में दी है और हम है कि उसे देख नहीं रहे है और फालतू के झाग्र्रो में अपना समय बर्बाद कर रहे है अब हम सब देशो को मिल कर एक नया संग बनाना चाहिए जो केवल शांति के लिए सोचे और उसे सभी अधिकार दिए जाये जिससे केवल शांति और शांति मिल सके और हर देश उसके आदेशो का पालन करे कोई वीटो वगेरेह न हो सिर्फ मेजोरिटी के आधार पर फैसला हो तो देखो कितना न अच्छा रिजल्ट आएगा तब यह दुनिया स्वर्ग से काम नहीं होगी प्यार और प्यार चारो तरफ होगा शांति ही शांति हर और होगी येही हमारा इस दुनिया में आने का सदुपयोग है काश यह अति शीग्र हो जाये .