Sunday, September 25, 2011

shanti

शांति जिंदगी में सर्वोपरि है बिना शांति के जीवन जीना दुष्कर हो जाता है ,इंसान पैसो बिना रह सकता है ,इंसान इज्ज़त बिना जीवन  गुज़र सकता है परन्तु बिना शांति के वो एक दिन भी गुजरना उसे भारी पर जाता है ,ईश्वर की बनाई इस अदबुध  दुनिया में पल पल अजीबोगरीब ख्याल व्यक्ति की जिंदगी में उमरते रहते है ,दुःख एम ख़ुशी का वक्त हर ख्यर बदलता रहता है ,वो इंसान के विचारो को हर पल गुमाता रहता है .यही व्यक्ति की सही पहचान होती है की वो अपने आप को कितना मज़बूत और दृढ रखता है और शांति के साथ हर पल को ख़ुशी में गुजार देता है ,जिंदगी जीने का तजुर्बा व्यक्ति को इनमे बखूबी साथ देता है .

जीवन जीना वैसे अपने आप में कला है ,और जो इस कला को सीख कर जिए समझो जीवन का हर सुख उसने प्राप्त कर लिया .

खुशनसीब है वो बन्दा जिसने इस खुबसूरत दुनिया में आकर इसका पूरा आनंद पुरे समय में बखूबी प्राप्त किया .कुछ जरुरी टिप्स में निचे दे रहा हु होसकता है आपके कम आये =
१.प्रात शीघ्र बिस्तर छोर देना
२.ईश्वर को सिमरन के बाद कुछ वक्त योग में बेठ जाना
३. सही वक्त पर दफ्तर पहुचना .
४. अपने काम से काम रखना ,हर व्यक्ति से प्यार एम हसकर बोलना
५. अगर कोही जरुरत मंद घर पर कुछ मांगने आये तो उसकी आवश्यकता अवश्य पूरी करना
६.किसी भी व्यक्ति की निंदा न करना ,प्रकृति की बनाई हुई हर चीज से प्यार करना
७. परिवार में हर सदस्य की इच्छा पूरी करना एम घर में शांतिमय वातावरण बने रखना
८.हर साल परिवार के साथ किसी दुसरे शहर में कुछ दिनों के लिए घुमने जाना
९.समाज में अगर आपकी जरुरत हो अवश्य वक्त उया पैसे देना
१०.दुःख एम सुख को हमेशा एक साथ लेना और हमेशा प्रसन रहना .
जिंदगी का तजुर्बा यही कहता है की कुछ सालो की जिंदगी में हर और प्यार और शांति दे यही जीवन का सार है "जियो और जीने दो " हरयाली और रास्ता जहाँ सकून ही सकून  है .

Monday, September 5, 2011

god

well ,i am here after a long time ,life is same no change is in routine life all is going as before ,but some worries has been created in the mind ,about marriages of my childrens ,still pending ,since long time ,nothing started  ,why so ? reason unknown and hidden ,gods know better than us definetely ,i am trying to seek it ,perhapes found it ,near or lator ,can"t say . in fact i have completed 61 year in this earth ,and spent life with happy and good job mostly i cooperates every one who came to me for any help or suggestion  my all jobs had done good way and now it is the last work or responsibility of me to do it better ,i always thanks to god to support and guide all my previous work ,so now i perplex for this such a long time wait . perhapes god unhappy with me but why? it may be that i do"t find the reason which is around me .i again and again pray to god let me know the mistakes if any or help to do this holy work at my residence ,as you know for my wife she is anxiously more than me for this matter ,you are great and almightly ,so help me soon as you did before always.

Saturday, July 23, 2011

life

human has one strong mind for this body to move any where and act as he wants ,as our ancestors said that we must use our mind for good work on this world not for only self benefit .definetely it will give us lot of boost to do some better always for humanity which is our first duty .but mostly it seems very less persons do so ,and they are really gems in this world .as we mostly read in daily news paper that what is going on in all world it creates unnecessary ponder in this mind who wants peace and happiness and survive his life with all peaceful peoples .it is very right that man can"T change views of any other person very easily ,it is self understanding that who judge himself good and evil . in fact this life has been gifted by god to us in this earth which is most beautiful to living in right manner with all peoples with peace and love .

Thursday, June 16, 2011

khushi

कितना अजीब है ये इंसान मन में न जाने क्या क्या सपने संझोये हुए रहता है ,कि यह करूँगा ये न करूँगा ,ये बनुगा , वहां जाहुंगा ,अनेको अनेक ख्वाब वो अपने ह्रध्य में संझोये रहता है ,पर होता है क्या उसे  खुद पता नहीं होता है ,कब ,कहा ,कैसे ,क्यों हो जाता है या गटित हो जाता है ,उसे पता ही नहीं चलता है ,यही जीवन कि सचाई है ,परन्तु यह भी सही है कि व्यक्ति ख्वाब देखे और उसे पूरा करने में अपनी जी जान लगा देवे ,बाकि सब उप्पेर वाले पर छोर देवे ,तो फिर कहना ही क्या ऐसी जिंदगी का ,बहार बहार चारो और हो जाती है ,जिंदगी के साथ हर पल खुशियों में व्यतीत हो जाता है ,हर ख्यर ईश्वर को धन्यवाद् देने में पीछे नहीं रहता है ,उफ़ और वाह मुह से हर पल जिंदगी को सार्थक बना देता है ,काश हर व्यक्ति इस तरह जीता और खुद खुश रहता और औरो को भी खुश रखता ,भगवन महावीर के ये अनोखे शब्द "जियो और जीने दो "

Friday, March 25, 2011

pal ka mahatva

हर पल जिंदगी में अपने आप महत्व रखता है ,जीवन  के इस अनूठे सफ़र में पल के बिना जिंदगी जाम हो जाती है ,ये पल सुनहरे भी होते है ,और दुखदाई भी होते है ,जिंदगी का कभी कोही पल जिंदगी को खुशहाली में  बदल देता है तो कोही पल  गंमो के भरे समुन्दर में , कभी किसी पल पुरानी आस पूरी होती है तो किसी पल में नहीं आस जनम लेती है , किसी पल में नया दोस्त बनता है तो किसी पल में पुराने दोस्त से नाता टूट जाता है .आखिर ये सब क्यों होता है ? हां दोस्तों जिंदगी के माइने बहुत  गहरे और अनोखे है जिसमे ये सब भरा हुआ है ,बस फर्क यह है की हम इसको किस रूप में देखते है किस तरह से इस को डालते है ,यह अपने आप में गहन चिंतन का विषय है जो सब के लिए है ,ईश्वर ने यह दुनिया बहुत ही सुंदर बनाई है चारो और इसमें पता नहीं क्या क्या भर रखा है ,जिधर भे देखे नए नए नज़ारे दीखते है ,नयी नयी रहस्य की वस्तुए दिखती है ,जहा देखो हरयाली एम खुशिया बिखरी पारी है ,हर वास्तु को देखने और छूने को मन करता है ,ज़बान से वाह सहसा निकल परती है और ईश्वर के आगे मस्तक झुक जाता है की वाह क्या भगवन तुमने इंसान को धरती पर भेज कर आल्हिद कर दिया ,हर पल उसे याद करने को जी करता है की उसने हमें पूरी तरह आज़ाद कर रखा है की हम इस खुबसूरत जिंदगी में अपना स्थान   खुद बनाये और दुनिया को दिखा दे की ईश्वर ने हमें यहाँ भेज कर कोही भूल नहीं की ,करने को तो बहुत कुछ  है इस संसार में अपने लिए और दूसरो के लिए ,पर हम केवल शांति और प्यार को एक दुसरे में बांटे तो दुनिया अपने आप में अद्रितीय  हो जाएगी जीवन का मज्जा ही अलग होगा ,न गरीबी होगी न झगरे न किसी चीज की कमी सब एक दुसरे के लिए  होंगे और प्यार ही प्यार होगा ,क्यों नहीं हम ऐसी दुनिया बनाये ,क्यों नहीं हम अपना योगदान आज ही करे ,कही से भी किधर से भी किसी को भी ,न धरम देखे ,न जाती को देखे न देश देखे न छोटे बरो को देखे ,सिर्फ प्यार और खुशिया लूटाहे और जियो और जीने दो का नारा बुलंद करे . जय मानवता ,जय विश्व .

Saturday, March 19, 2011

khubsurat dharti

कितनी न खुबसूरत है ये  ईश्वर की  बनाई यह दुनिया ,हर तरफ तरह तरह के रंग बिखरे परे है ,चाहे पक्षी हो चाहे जानवर चाहे जलचर चाहे हो चाहे  ऊँचे पहार ,चाहे हो झीले और चाहे हो खुबसूरत बघिचे और बाग और इन सब में सबसे ऊँचा मानव जो अपनी अदबुध छटा बिखेरे है चारो और .

Monday, February 14, 2011

money

अजीब सा माहोल है इस लुटती हुई दुनिया में
हर इक शख्स जेबे भरने में लगा हुआ है
कहा ले जाएगा ,क्या करेगा ,नहीं खबर उसे
देख देख कर रोज़ खुश होता है इसे देख कर
लेकिन दे नहीं पाता किसी जरुरतमंद को कभी भी
मुस्कराता है हस्ता है इसे देख देख कर
पर नहीं करता खर्च अपने पर भी इक पल
और पत्ता चला इक दिन ,टूटती सांस इक पल
भिखर के रह गए दस्ते नोटों  के
कि ले ग़ही सरकार अपने खजाने में
खामोश रह गही वो हसने कि जगह ,न नोट रहे ,न नोटों वाला

Monday, January 24, 2011

vita

bene, dopo a lungamente volta io scrive alcuni viste quale sia mia vita ,nonostante ancora sto solo 62 anno ma io vede tanti nuova cosa da allora dieci anno ,infatti ho persa mia parentale felice nell"interesse principale .ora mia bambina sia istruito ed giovane ,ed volta ha venire per sposo ,dio sia grande ,questo lavoro sia necesitta ed spero questo sarai fatto presto .sto solo qui al pensa esso nessuno sia vi al aiuto mu nel materio