जिंदगी खूबसूरत फूलो की तरह है जैसे सुबह सुबह बगीचे में ताजे ओहलो की महक पुरे घर में बिखर जाती है और शाम तक फूल करीब करीब मुरझा जाता है ठीक वैसे ही व्यक्ति सुबह उठते ही तरो ताजा सा महसूस करता है और सारे दिन की भागदौड़ में शाम तक निदाल हो जाता है। व्यकि इधर इधर घूम कर चहकता रहता है सभी रोज़ के काम पुरे करता है।
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