कितनी न खुबसूरत है ये ईश्वर की बनाई यह दुनिया ,हर तरफ तरह तरह के रंग बिखरे परे है ,चाहे पक्षी हो चाहे जानवर चाहे जलचर चाहे हो चाहे ऊँचे पहार ,चाहे हो झीले और चाहे हो खुबसूरत बघिचे और बाग और इन सब में सबसे ऊँचा मानव जो अपनी अदबुध छटा बिखेरे है चारो और .
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