हर पल जिंदगी में अपने आप महत्व रखता है ,जीवन के इस अनूठे सफ़र में पल के बिना जिंदगी जाम हो जाती है ,ये पल सुनहरे भी होते है ,और दुखदाई भी होते है ,जिंदगी का कभी कोही पल जिंदगी को खुशहाली में बदल देता है तो कोही पल गंमो के भरे समुन्दर में , कभी किसी पल पुरानी आस पूरी होती है तो किसी पल में नहीं आस जनम लेती है , किसी पल में नया दोस्त बनता है तो किसी पल में पुराने दोस्त से नाता टूट जाता है .आखिर ये सब क्यों होता है ? हां दोस्तों जिंदगी के माइने बहुत गहरे और अनोखे है जिसमे ये सब भरा हुआ है ,बस फर्क यह है की हम इसको किस रूप में देखते है किस तरह से इस को डालते है ,यह अपने आप में गहन चिंतन का विषय है जो सब के लिए है ,ईश्वर ने यह दुनिया बहुत ही सुंदर बनाई है चारो और इसमें पता नहीं क्या क्या भर रखा है ,जिधर भे देखे नए नए नज़ारे दीखते है ,नयी नयी रहस्य की वस्तुए दिखती है ,जहा देखो हरयाली एम खुशिया बिखरी पारी है ,हर वास्तु को देखने और छूने को मन करता है ,ज़बान से वाह सहसा निकल परती है और ईश्वर के आगे मस्तक झुक जाता है की वाह क्या भगवन तुमने इंसान को धरती पर भेज कर आल्हिद कर दिया ,हर पल उसे याद करने को जी करता है की उसने हमें पूरी तरह आज़ाद कर रखा है की हम इस खुबसूरत जिंदगी में अपना स्थान खुद बनाये और दुनिया को दिखा दे की ईश्वर ने हमें यहाँ भेज कर कोही भूल नहीं की ,करने को तो बहुत कुछ है इस संसार में अपने लिए और दूसरो के लिए ,पर हम केवल शांति और प्यार को एक दुसरे में बांटे तो दुनिया अपने आप में अद्रितीय हो जाएगी जीवन का मज्जा ही अलग होगा ,न गरीबी होगी न झगरे न किसी चीज की कमी सब एक दुसरे के लिए होंगे और प्यार ही प्यार होगा ,क्यों नहीं हम ऐसी दुनिया बनाये ,क्यों नहीं हम अपना योगदान आज ही करे ,कही से भी किधर से भी किसी को भी ,न धरम देखे ,न जाती को देखे न देश देखे न छोटे बरो को देखे ,सिर्फ प्यार और खुशिया लूटाहे और जियो और जीने दो का नारा बुलंद करे . जय मानवता ,जय विश्व .
No comments:
Post a Comment