Thursday, June 16, 2011

khushi

कितना अजीब है ये इंसान मन में न जाने क्या क्या सपने संझोये हुए रहता है ,कि यह करूँगा ये न करूँगा ,ये बनुगा , वहां जाहुंगा ,अनेको अनेक ख्वाब वो अपने ह्रध्य में संझोये रहता है ,पर होता है क्या उसे  खुद पता नहीं होता है ,कब ,कहा ,कैसे ,क्यों हो जाता है या गटित हो जाता है ,उसे पता ही नहीं चलता है ,यही जीवन कि सचाई है ,परन्तु यह भी सही है कि व्यक्ति ख्वाब देखे और उसे पूरा करने में अपनी जी जान लगा देवे ,बाकि सब उप्पेर वाले पर छोर देवे ,तो फिर कहना ही क्या ऐसी जिंदगी का ,बहार बहार चारो और हो जाती है ,जिंदगी के साथ हर पल खुशियों में व्यतीत हो जाता है ,हर ख्यर ईश्वर को धन्यवाद् देने में पीछे नहीं रहता है ,उफ़ और वाह मुह से हर पल जिंदगी को सार्थक बना देता है ,काश हर व्यक्ति इस तरह जीता और खुद खुश रहता और औरो को भी खुश रखता ,भगवन महावीर के ये अनोखे शब्द "जियो और जीने दो "

Friday, March 25, 2011

pal ka mahatva

हर पल जिंदगी में अपने आप महत्व रखता है ,जीवन  के इस अनूठे सफ़र में पल के बिना जिंदगी जाम हो जाती है ,ये पल सुनहरे भी होते है ,और दुखदाई भी होते है ,जिंदगी का कभी कोही पल जिंदगी को खुशहाली में  बदल देता है तो कोही पल  गंमो के भरे समुन्दर में , कभी किसी पल पुरानी आस पूरी होती है तो किसी पल में नहीं आस जनम लेती है , किसी पल में नया दोस्त बनता है तो किसी पल में पुराने दोस्त से नाता टूट जाता है .आखिर ये सब क्यों होता है ? हां दोस्तों जिंदगी के माइने बहुत  गहरे और अनोखे है जिसमे ये सब भरा हुआ है ,बस फर्क यह है की हम इसको किस रूप में देखते है किस तरह से इस को डालते है ,यह अपने आप में गहन चिंतन का विषय है जो सब के लिए है ,ईश्वर ने यह दुनिया बहुत ही सुंदर बनाई है चारो और इसमें पता नहीं क्या क्या भर रखा है ,जिधर भे देखे नए नए नज़ारे दीखते है ,नयी नयी रहस्य की वस्तुए दिखती है ,जहा देखो हरयाली एम खुशिया बिखरी पारी है ,हर वास्तु को देखने और छूने को मन करता है ,ज़बान से वाह सहसा निकल परती है और ईश्वर के आगे मस्तक झुक जाता है की वाह क्या भगवन तुमने इंसान को धरती पर भेज कर आल्हिद कर दिया ,हर पल उसे याद करने को जी करता है की उसने हमें पूरी तरह आज़ाद कर रखा है की हम इस खुबसूरत जिंदगी में अपना स्थान   खुद बनाये और दुनिया को दिखा दे की ईश्वर ने हमें यहाँ भेज कर कोही भूल नहीं की ,करने को तो बहुत कुछ  है इस संसार में अपने लिए और दूसरो के लिए ,पर हम केवल शांति और प्यार को एक दुसरे में बांटे तो दुनिया अपने आप में अद्रितीय  हो जाएगी जीवन का मज्जा ही अलग होगा ,न गरीबी होगी न झगरे न किसी चीज की कमी सब एक दुसरे के लिए  होंगे और प्यार ही प्यार होगा ,क्यों नहीं हम ऐसी दुनिया बनाये ,क्यों नहीं हम अपना योगदान आज ही करे ,कही से भी किधर से भी किसी को भी ,न धरम देखे ,न जाती को देखे न देश देखे न छोटे बरो को देखे ,सिर्फ प्यार और खुशिया लूटाहे और जियो और जीने दो का नारा बुलंद करे . जय मानवता ,जय विश्व .

Saturday, March 19, 2011

khubsurat dharti

कितनी न खुबसूरत है ये  ईश्वर की  बनाई यह दुनिया ,हर तरफ तरह तरह के रंग बिखरे परे है ,चाहे पक्षी हो चाहे जानवर चाहे जलचर चाहे हो चाहे  ऊँचे पहार ,चाहे हो झीले और चाहे हो खुबसूरत बघिचे और बाग और इन सब में सबसे ऊँचा मानव जो अपनी अदबुध छटा बिखेरे है चारो और .

Monday, February 14, 2011

money

अजीब सा माहोल है इस लुटती हुई दुनिया में
हर इक शख्स जेबे भरने में लगा हुआ है
कहा ले जाएगा ,क्या करेगा ,नहीं खबर उसे
देख देख कर रोज़ खुश होता है इसे देख कर
लेकिन दे नहीं पाता किसी जरुरतमंद को कभी भी
मुस्कराता है हस्ता है इसे देख देख कर
पर नहीं करता खर्च अपने पर भी इक पल
और पत्ता चला इक दिन ,टूटती सांस इक पल
भिखर के रह गए दस्ते नोटों  के
कि ले ग़ही सरकार अपने खजाने में
खामोश रह गही वो हसने कि जगह ,न नोट रहे ,न नोटों वाला

Monday, January 24, 2011

vita

bene, dopo a lungamente volta io scrive alcuni viste quale sia mia vita ,nonostante ancora sto solo 62 anno ma io vede tanti nuova cosa da allora dieci anno ,infatti ho persa mia parentale felice nell"interesse principale .ora mia bambina sia istruito ed giovane ,ed volta ha venire per sposo ,dio sia grande ,questo lavoro sia necesitta ed spero questo sarai fatto presto .sto solo qui al pensa esso nessuno sia vi al aiuto mu nel materio